आखिर क्यों किन्नर पैसे मांगते हैं

हमारे यहाँ जब शादी होती है तो घर में खुशियों क माहौल होता है, हर कोई झूमता नाचता गात है खुड़िया मनाता है। शादी के तयारी महीनों पहले से ही होने लगती है, ताकि शादी वाले दिन किसी भी तरह की कोई दिक्कत न हो। शादी में ब्याह में तरह तरह की रस्मे होती हैं, रस्में अलग अलग जगह के हिसाब से अलग अलग हो सकती है। लेकिन हर शादी में एक चीज़ ऐसी होती है, वो है शादियों में किन्नरों का आना और नाचना गाना। लेकिन किन्नरों का आना सिर्फ शादी ब्याह में नहीं होता बल्कि अगर घर में बच्चा भी जन्म लेता है तो भी किन्नर रस्म के पैसे लेने आ ही जाते हैं।

लेकिन किन्नरों का ऐसे पैसे मांगना कई बार उनको मुसीबत में डाल देता है लोग ख़राब बाते भी बोलते, कुछ भी उल्टा सीधा सुना देते हैं, उनका मजाक उड़ाते हैं। किन्नरों का अस्तित्व हजारों साल पुराना है। किन्नरों को आज से ही नहीं बल्कि उनके शुरुआती दौर से ही दुखों का सामना करना पड़ा है। आज चाहे भले बहुत सारे कानून बन चुके हैं लेकिन लोगों के मन की इनको लेकर कुंठित मानसिकता वैसी की वैसी ही है। इन्हे आज भी वैसी ही हीन भावना से देखा जाता है। हालाँकि ये कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। लेकिन शुभ महूरत पर पैसे की डिमांड के बदले यह दुआ भी देते हैं। किन्नरों से सम्बंधित बहुत सारे टोटके भी होते हैं।

इनकी स्थिति इतनी ख़राब है, की कोई भी इनको नौकरी पर नहीं रखता, इसके भी बहुत सारे कारण हैं। किन्नर का क्या! हर इंसान का खुद का आत्म सम्मान होता है, लेकिन समाजित भेदभाव के कारण इनकी कही इज़्ज़त नहीं की जाती जिसकी वजह से इनको शादी बारातों में पैसे मांग कर अपना भरण पोषण करना पड़ता है। आपको कभी कोई किन्नर दिखाई दे या आपका इनसे कभी सामना हो तो इन्हे भी वही इज्जत दें जिस इज्जत की आप खुद उम्मीद करते हैं।

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