इस मंदिर में चोरी करने पर होती है पुत्र प्राप्ति, आप भी जाइये

भारत एक धार्मिक देश हैं, जहा हर धर्म सम्प्रदाय के लोगों की धर्म और देवी देवताओं को लेकर अलग अलग मान्यताएं हैं। हर देवी देवता के अलग अलग मंदिर हैं जहा भक्तों की लम्बी लाइन लगी रहती है। जैसे माँ लक्ष्मी को पूजा करने से धन की प्राप्ति होती है वैसे ही बहुत सारे देवी देवता है जिनकी प्रार्थना करने ने मनवांछित फल प्राप्त होते हैं। भारत में धर्म सिर्फ धर्म न होकर एक पर्व की तरह मनाया जाता है, यहाँ आपको हर घर से कही न कही सुबह सुबह घंटी बजने की आवाज़ भी सुनाई देती होगी। घर से बहार निकलने से लेकर रत को सोने से पहले भी यहाँ लोग पूजा करते हैं। ऐसा सिर्फ भारत में ही हो सकता है।

भारत ऐसा देश है जी धार्मिक मान्यताओं को लेकर अजीब अजीब किस्सों से भरा पड़ा है, यहाँ भगवन को लेकर कुछ ऐसी मान्यताएं और पूजा पाठ के तरीके हैं जिसको सुन कर आपको यकीन नहीं होगा और हैरानी भी होगी। कही ऐसा मंदिर हैं जहा देवी मइया को चाऊमीन चढ़ाई जाती है, कही किसी मंदिर में प्रसाद में जेवर दिए जाते हैं, ऐसा ही एक मंदिर है जहाँ आपको अगर अपने मन की मुराद पूरी करनी है तो आपको उस मंदिर में चोरी करनी पड़ेगी। हुई न हैरानी सुन कर?

जी हाँ ये एकदम सच है, जानकारी के लिए बता दें कि उत्तराखंड के चुड़ियाला गाँव में सिद्धपिठ चूड़ामणि देवी का मंदिर स्थित है। जानकारी के अनुसार इस मंदिर का निर्माण लंढौरा रियासत के राजा द्वारा 1805 ईसवी में करवाया गया था। ऐसा मन जाता है के राजा एक बार जंगल शिकार पर निकले थे जहाँ उन्हें पिंडी माता के दर्शन हुए, राजा पिंडी माता को देख कर घर आ गए और पिंडी माता की पूजा करने लगे, उनकी कोई संतान नहीं थे अथवा उन्हें पुत्र की इच्छा माता के सामने राखी और उनको कुछ समय बाद पुत्र संतान की प्राप्ति हुई। उन्होंने फिर वही पर पिंडी माता का मंदिर बनवा दिया।

मंदिर में पुत्र की प्राप्ति के लिए पूरी दुनिया से आते हैं और अगर किसी को पुत्र की चाहत होती है तो उसे माता के चरणों में रखा गुड्डा चुराना होता है, जिसके बाद दंपत्ति को संतान की प्राप्ति हो जाती है। इस मान्यता की वजह से यहाँ चोरी करने की परंपरा चलती चली आ रही है।

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