बस हादसे में मरने वाली इस बच्ची का वीडियो हो रहा है वायरल, वीडियो देख कर आप भी रो पड़ेंगे!

इंदौर : किसी भी प्राणी के मृत्यु का कुछ ठिकाना नही होता, क्योंकि जब मौत चलकर आती है तो सामने वाले की प्राण हरने से पहल उसके उम्र और समय की ओर जरा भी ध्यान नही देती. इंसान की अवस्था कभी भी बदल सकती है, अभी हंस-मुस्कुरा रहे हैं और अगले पल आपके साथ क्या होने वाला है इसके बारे में कोई नही जानता. लेकिन मौत के बाद उनके चाहने वालों पर जो दर्द का पहाड़ टूट पड़ता है इसकी अनुभूति भी सिर्फ उन्हें ही है. इस तरह का ही एक मामला सुर्खियों में आ चुका है जब इंदौर बायपास में हुए बस एक्सीडेंट में 4 मासूम बच्चियों की मौत हो गयी. इन्ही मरने वाला में एक श्रुति लुधियानी भी थी, श्रुति के माँ-बाप ने कभी सोचा भी नही होगा कि सुबह मुस्कुराता हुआ निकल चेहरा कभी लौटकर नही आएगा. हालांकि यह दुर्घटना काफी समय पहले हुआ था लेकिन उस बच्ची की आखिरी वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रही है जो उसके स्कूल के एक समारोह का है. इस दौरान उस बच्ची ने भारत माता का रोल किया था.

आखिरी वीडियो आया सामने

गौरतलब यह वीडियो उसके स्कूल से आया है जो बीते वर्ष स्कूल में एनुअल फंक्शन के दौरान एक नाटक का है. नाटक का हिस्सा बनी श्रुत्ति ने भारत माता का रोल चुना था और अपने बेहतरीन परफॉर्मेंस के दौरान वह बोली – मैं भारत माँ हूँ, मेरे आगोश में पवित्र गंगा बहती है. मेरे लिए घर गिरोराज हिमालय बनाता है. मैं हर देशवासी की माँ हूँ, तुम सभी अरबों संतानो की माँ हूँ.

भारत माता के रूप में बोली

नाटक के दौरान ही श्रुत्ति ने बोला कि उसे लोग सोने की चिड़ियाँ बुलाते थे, के तभी कुछ दरिंदे अंग्रेज आये और उसे बंदी बनाकर शासन किया. श्रुत्ति ने अपनी मासूम भाषा मे कहा भारत कई वीर सपूतों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर मुझे आजाद किया. बता दें कि वहां मौजूद सभी दर्शक इस बच्ची के किरदार को देखकर और उसकी बातों को सुनकर रो पड़े लेकिन किसी को इस बात की खबर नही थी कि ये बिना कुछ कहे हम सबको छोड़कर चली जायेगी.

थी घर की लाडली

इस दुर्घटना में मरी श्रुत्ति के अंकल बताते हैं कि वह उनके घर की इकलौती बेटी थी. परिवार में कई सालों से किसी को बेटी नही हुआ था कि तभी 20 सालों बाद श्रुत्ति का जन्म हुआ. वह पूरे घर की लाडली थी लेकिन जब दुर्घटना के बाद उसका मृत शरीर घर लाया गया सब जोर-जोर से रोने लगे. आज भी उनके कानों में उस मासूम की आवाज गूंजती है.

चुनरी में निकली शवयात्रा

श्रुत्ति के घरवालों से पता चलता है कि दुर्घटना के दिन जब उस मासूम का मृत शरीर घर के आंगन में पड़ा था. श्रुत्ति कि माँ उस जगह से एक मिनट के लिए भी नही हिली. ऐसा देखा गया कि श्रुत्ति की मौत का उसके माँ के ऊपर सबसे बुरा असर पड़ा था. उसकी माँ ने आखिरी पलों में कहा कि उसे कार में घूमना पसंद था इसलिए शवयात्रा भी कार से निकली गयी. अन्य सदस्यों ने कार को फूलों से सजा दिया था और श्रुत्ति को माँ दुर्गा की चुनरी ओढ़ाकर इस दुनिया से विदा किया गया.

उस काली सुबह में जो दुर्घटना हुई थी उसमें 4 मासूमो की जान गई थी. फिर अगले दिन शनिवार को चारों बच्चों का अंतिम संस्कार सर्वसम्मति से एक साथ किया गया और सैंकड़ों लोग वहां मौजूद थे. रीजनल पार्क के नजदीक स्थित मुक्तिधाम में शवयात्रा में शामिल हुए लोगो की भीड़ उमड़ पड़ी थी और सबके आँख आंसू में डूबे हुए थे. यहां हम दिखाने जा रहे हैं उस मासूम का आखिरी वीडियो –

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