21 साल की उम्र में गृहत्याग कर बन गई साध्वी, आज उसकी एक आवाज के लिए टूट पड़ते हैं लोग

जब भी इंसानों के मन मे साधु और संत का ख्याल आता है तो सीधा यही सोचते हैं कि होगा कोई उम्रदराज इंसान जिसने सांसारिक मोह माया त्याग दिया. बहुत कम ही ऐसा देखा जाता है जब कम उम्र का कोई साधु या साध्वी प्रवचन दे रही हो, आज हम एक ऐसी ही साध्वी के बारे में बटानें जा रहे हैं जिसकी उम्र मात्र 21 साल है और वह साध्वी होने के अलावा आज भी कॉलेज जाती है जिससे उसकी पढ़ाई पूरी हो सके. आप भी इस साध्वी के बारे में जानने के लिए काफी उत्सुक होंगे तो चलिये जानते हैं उस साध्वी के बारे में…

दरअसल इस साध्वी का नाम जया किशोरी धार है जो राजस्थान की रहने वाली है. इतनी कम उम्र में भी आध्यात्म के क्षेत्र में उसने इतनी ख्यातियाँ बंटोरी है कि दुनिया भर से लोग उसकी प्रवचन सुनने आते हैं. अभी कुछ दिनों बाद ही साध्वी जया का प्रवचन भोपाल के इंदौर में आयोजित होगा जिसमें भीड़ लाखो की तादाद में नजर आने वाली है. ऐसा माना जा रहा है कि इस सत्संग में सर्फ भोपाल ही नही बल्कि सभी शहरों से भीड़ टूटकर पहुंचने वाली है और सभी के स्वागत का पुख्ता इंतजाम भी किया जा चुका है.

इस वजह से बनी साध्वी

इतनी कम उम्र में साध्वी बनने की क्या वजह हो सकती है इसके बारे में आपने मन मे भी कई सवाल उठ रहे होंगे. जया बताती हैं कि जब वो सिर्फ 10 साल की थी तब ही उन्होंने अपना दिल भगवान कृष्णा को दे दिया. उनका पालन पोषण भी भक्ति भरे माहौल में हुआ है जिससे उनका भगवान के प्रति लगाव बढ़ता ही गया. आपको जानकर हैरानी होगी कि जब वो सिर्फ 10 वर्ष की थी तभी सुंदरकांड का पाठ पूरा कर लिया था. उनकी आवाज इतनी मधुर है कि भक्तगण खुद ही खिंचे चले आते हैं और भावी सत्संग उनकी जिंदगी का पहला सत्संग होगा जिसे लेकर वह काफी उत्सुक भी हैं.

भक्ति के साथ-साथ पढ़ाई

अपनी जिंदगी के बारे में जया ने यह भी बताया है कि वो कभी भी भक्ति और पढ़ाई के बीच कोम्प्रोमाईज़ नही करती बल्कि भक्ति के साथ-साथ पढ़ाई भी करती है. आपको बता दे कि उन्होंने महादेव बिरला वर्ल्ड अकादमी कोलकाता से अपनी स्कूलिंग शिक्षा पूरी की है. वह बचपन से ही भगवान के शरण मे रहना शुरू कर दी और उन्हें भी पता नही चला कि कब लोग जया की बजाय राधा बुलाना शुरू कर दिए.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगले महीने इस साध्वी का प्रचलन शुरू होगा जो 9 फरवरी से 12 फरवरी तक चलेगा. इसके लिए पूरे इंदौर शहर को सजाया जाएगा और वहां के प्रायोजकों से जानकारी मिली है कि लगभग 3 लाख वर्ग फुट में पंडाल बनाने की तैयारी है और इसका लाइव प्रसारण संस्कार चैनल पर आप भी देख सकते हैं. ऐसा भव्य आयोजन पहली बार देखने को मिलेगा जब इतनी कम उम्र की साध्वी अपने मधुर भाषा मे सबको लीन कर देगी. सब कहते हैं जया के ऊपर भगवान कृष्ण की माया है जिससे उसकी आवाज और भी मधुर हो जाती है.

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