मोदी सरकार का नोटबन्दी के बाद सबसे अहम फैसला, फिर से होगा बवाल

भारत की राजनैतिक व्यवस्था की बात करें तो मोदी सरकार को सत्ता में आये 4 साल बीत चुके हैं. इन चार सालों में देश के विकास के लिए मोदी जी ने कई ऐसे कदम उठाए हैं जिससे जनता का भरपूर रूप से भलाई हुआ है. इस तरक्की को देखकर कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि आजादी के बाद ऐसी कोई सरकार नही बनी थी जो अपने बड़े फैसले से देश का भविष्य बदल दे पर मोदी सरकार ने यह कर दिखाया. उनकी सोच और विकास की दर का कोई मुकाबला नही है क्योंकि बीते दिन उनकी “नोटबन्दी” वाला कदम बिल्कुल सफल रहा और देश मे ब्लैकमनी की भारी मात्रा में कमी आयी है. लेकिन नए खुलासे से पता चलता है कि मोदी जी ने नोटबन्दी के बाद एक और बड़ा फैसला लेने का घोषणा किया है.

दरअसल हम सभी इस बात से भलीभांति परिचित हैं कि नोटबन्दी के बाद ब्लैकमनी पर रोक के साथ साथ कालाबाजारी पर भी अंकुश लगा और अमीर-गरीब सबको बैंकों के सामने लाइन में लगना पड़ा. लेकिन इस बार मोदी जी का कहर उनपे बरसने वाला है जो सिक्के के आसन पर बैठे हुए हैं जी हां मोदी सरकार का नया फैसला है “सिक्काबंदी” तो जानिए कितने लोगों के कालाबाजारी लोगो के सामने आने वाली है…

मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

बीजेपी की सरकार का यह अद्भुत फैसला न जाने कितना बवाल खड़ा करने वाला है क्योंकि आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार फैसला अचानक नही बल्कि पहले ही इस बात की घोषणा कर दी गयी है कि सिक्काबंदी शुरू की जाएगी. सिर्फ इतना ही नही बल्कि कुछ शहरों में तो इस कार्यवाई को शुरू भी किया जा चुका है उनमें प्रमुख हैं – नोएडा, कोलकाता, मुंबई और हैदराबाद जैसे कई बड़े शहरों से यह खबर आ रही है कि वजन सिक्कों का उत्पादन बन्द हो चुका है.

RBI ने बताई सच्चाई

खबरों से पता चलता है कि इसकी सूचना RBI से ली गयी तो बताया गया कि उन्होंने बीते मंगलवार से ही सिक्को के उत्पादन पर रोक लगा दिया है क्योंकि मोदी जी का आदेश था. अब यह कहर उनपे बरसने वाला है जो सिक्कों की ढेर खड़ी करके बैठे हैं. बहुत लोगो के मन मे यह सवाल उठ रहा होगा कि मोदी जी ने यह कदम क्या सोचकर उठाया है तो मोदी जी ने तड़के से जो जवाब दिया है वो उनके सभी विरोधियों का मुह बन्द करने के लिए काफी है.

सिक्काबंदी का सबसे बड़ा कारण

मोदी जी ने अपने बयान में बताया है कि जबसे नोटबन्दी अभियान शुरू हुआ मार्किट में सिक्कों की मांग बढ़ी और आरबीआई ने भी सिक्के भारी मात्रा में उत्पादित किये लेकिन आज वह एक समस्या बन चुकी है क्योंकि अब कोई भी व्यापारी सिक्का लेना नही चाहता. इससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ चुकी है आखिर वो करें तो क्या करें. इसलिए मोदी जी ने आरबीआई को आदेश दिया कि जबतक हम ना कहें सिक्को के प्रोडक्शन पर रोक लगा रहना चाहिए.

बताते चलें कि इस फैसले के विरोधियों की भी कमी नही है लोगो का यह तर्क है कि नोटबन्दी का हमारी आर्थिक व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा जिससे अब नोटबन्दी से आम जनता की मुश्किलें बढ़ेंगी. लेकिन वहीं कुछ लोग इस विचार से सहमत हैं और नोटबन्दी के पैरवी में लगे हैं. आप भी जनता हैं और इस समस्या से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि जब मार्किट में कोई सामान खरीदने जाते हैं और सिक्का एक्सेप्ट नही करता तो हमे कितनी प्रॉब्लम होती है.

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