पोस्टमार्टम से पहले मुर्दा लेने लगा खर्राटा, टेबल हिली तो डर गए डॉक्टर!

कहते हैं मौत पर किसी का जोर नही चलता क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी सच्चाई मौत ही है. ये कब और किस क्षण हो जाये किसी को खबर नही होती लेकिन मौत सबकी निश्चित है, जब भगवान के अवतारों को भी मरना पड़ा तो हम सभी तो साधारण इंसान हैं. जब किसी के प्राण पखेरू उड़ जाते हैं और उसमें डॉक्टर को इन्वॉल्व किया जाए तो अंत मे पोस्टमार्टम होता है जिसमे मारने के कारण जानने की कोशिश की जाती है. लेकिन अगर पोस्टमार्टम के समय ही बॉडी हिलने लगे और मुर्दा खर्राटे लेना शुरू कर दे तब आस-पास के डॉक्टर का क्या हाल होगा? साइंस का रोब देने वालो का भी रोम-रोम काँप उठेगा! कुछ ऐसा ही मामला सामने आह है जहां 4 घंटे पहले चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित करने के बाद भी जब पोस्टमार्टम शुरू की गई तो बॉडी टेबल पर हिलने लगी और मुर्दे के अंदर से खर्राटे लेने की आवाज आने लगी. चलिये जानते हैं इस अजीबोगरीब मामले के बारे में विस्तार से…

दरअसल यह वाकया स्पेन के ओवीडो शहर का है जहां गोंजालो मोटोया जिमेनेज नामक कैदी के लाश को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था. तथाकथित तौर पर वहां उपलब्ध पोस्टमार्टम स्पेशलिस्ट ने उसके बॉडी पर निशान भी बना दिये कि यहां से चीरना है कि तभी वह टेबल हिलने लगा. टेबल हिलने से डॉक्टर्स के बीच खलबली मच गई. यह एक कहर से उबर नही थे कि लाश के अंदर से खर्राटे लेने की आवाज आने लगी। अब डॉक्टर्स का भी हिम्मत काम नही कर रहा था तब उन्होंने इस लाश को फौरन इमरजेंसी वार्ड में भेजा.

स्पेनी अखबारों के मुताबिक उस कैदी की उम्र 29 वर्ष है और बीते दिन जब उसे खाना देने अधिकारी पहुँचके उसे बेहोश पाया जबकि इस वक़्त वह रोज उठ जाता था. ऐसी अवस्था मे पाएकर उसे अस्पताल ले जाया गया पर वहां के 4 डॉक्टर्स ने इलाज करने के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उनके शव का परीक्षण के लिए पोस्टमार्टम वार्ड में ले तो गए लेकिन किसी को पता नही था कि वह शख्स मरा नही है. पोस्टमार्टम के दौरान जब उसके शरीर को चीरा जाना था तभी उसके बॉडी में हलचल होने लगी और खर्राटों की आवाज कानी शुरू हो गयी.

अब इमरजेंसी वार्ड में चल रहे इलाज के बाद कैदी के तबियत में काफी सुधार आया है और उसे जिंदा देखकर परिवार वाले भी काफी खुश हैं. इधर सबको इस बात पर हैरानी है कि 3 डॉक्टर्स मिलकर भी इतनी बड़ी चूक कैसे कर सकते हैं. अभी एक शख्स का जिंदा होने के बाद भी पोस्टमार्टम हो जाता. हालांकि तबियत ठीक होने के बाद सभी ऐसा मान रहे हैं कि उसे दूसरा जन्म मिला है. एक बात तो साफ हो चुकी है कि डॉक्टर्स अपनी लापरवाही से न जाने कितने जिंदा लोगो को मौत के मुँह में भेज देते हैं और कैदी की तो सिर्फ यही गलती थी कि वह देर तक सोया रहा. हालांकि लोगो को ये बात सुनकर हैरानी भी है कि इतने हलचल होने के बाद भी उसका नींद नही खुला. यदि थोड़ा और देर वो सो जाता तो कभी उठ नही पाता.

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